क्या आपके मन में बार-बार डर आता है? क्या आप जीवन की कठिनाइयों से थक चुके हैं? क्या आप ऐसे मार्गदर्शन की खोज में हैं जो आपको हर संकट से “तार” दे—अर्थात जीवन के गहरे दुखों के पार पहुंचा दे?
श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र (Shri Swami Samarth Tarak Mantra) ऐसा ही एक दिव्य, सामर्थ्यशाली और चमत्कारिक मंत्र है, जिसे भक्त “जीवनरक्षक मंत्र” भी कहते हैं।
इसे तारक मंत्र इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह मनुष्य को भय, चिंता, संशय और नकारात्मक ऊर्जा से निकालकर एक सुरक्षित, शांत और आत्मबल से भरे जीवन की ओर ले जाता है—जैसे कोई नाविक आपको अशांत समुद्र से पार करा दे।
कौन थे श्री स्वामी समर्थ? दत्तात्रेय स्वरूप के चमत्कारिक संत
स्वामी समर्थ महाराज, जिन्हें अक्कलकोट स्वामी महाराज के नाम से भी जाना जाता है, महाराष्ट्र के महानतम संतों में गिने जाते हैं। भक्त उन्हें भगवान दत्तात्रेय का प्रत्यक्ष अवतार मानते हैं।
उनका प्रसिद्ध वचन—
“भिऊ नकोस, मी तुझ्या पाठीशी आहे” (डर मत, मैं तेरे साथ हूँ)
आज भी लाखों भक्तों के मन में अद्भुत आत्मविश्वास पैदा करता है।
स्वामी महाराज का जीवन रहस्यमयी चमत्कारों से भरा था। लोगों के संकटों को मात्र नजरों से दूर कर देना, असंभव को सहज रूप से संभव बना देना, डर और असुरक्षा को बिल्कुल समाप्त कर देना—ये सब उनके कृपा-प्रभाव के उदाहरण हैं।
दत्त संप्रदाय में स्वामी समर्थ को दयामूर्ति, करुणामूर्ति और संकटमोचन संत के रूप में पूजा जाता है।
Shri Swami Samarth Tarak Mantra का मूल पाठ और उसका गहरा अर्थ
नीचे दिया गया मंत्र भक्त-परंपरा में प्रचलित है और सबसे अधिक स्वीकार किया जाता है।
ध्यान दें:
इस मंत्र का “शास्त्रीय” किसी एक अधिकृत ग्रंथ में नहीं मिलता, पर यह रूप महाराष्ट्र, दत्त संप्रदाय और स्वामी समर्थ भक्तों में सबसे लोकप्रिय है।
श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र (Shri Swami Samarth Tarak Mantra)
छंद 1
दिगंबरा दिगंबरा, श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा
Digambara Digambara, Shripad Vallabh Digambara
अर्थ:
हे दिगंबर दत्त, आप सब पर समान कृपा करने वाले हैं। आप रूप, भाषा और सीमा से परे हैं। आपकी शरण में आने वाला हर भक्त निर्भय हो जाता है।
छंद 2
अशक्य हे शक्य करतील स्वामी
Ashakya He Shakya Kartil Swami
अर्थ:
स्वामी समर्थ वह शक्ति हैं जो असंभव को भी संभव कर देती है। जीवन की सबसे कठिन समस्या भी उनकी कृपा से शांत हो जाती है।
छंद 3
निःशंक हो, निर्भय हो मना रे
Nishank Ho, Nirbhay Ho Mana Re
अर्थ:
हे मन! तू चिंता, संशय और डर छोड़ दे। स्वामी समर्थ की कृपा तेरे साथ है—तेरे जीवन में भय की कोई जगह नहीं है।
छंद 4
जे जे संकट येतील मार्गी, स्वामी सोडवतील थोड्या वेळात
Je Je Sankat Yetil Margi, Swami Sodavtil Thodya Velat
अर्थ:
जीवन में चाहे कितने भी संकट आएं, स्वामी समर्थ उन्हें पलभर में दूर कर देते हैं। भक्त की रक्षा स्वामी स्वयं करते हैं।
छंद 5
करा प्रार्थना मनोभावे, स्वामी समर्थ करतील रक्षण
Kara Prarthana Manobhavé, Swami Samarth Kartil Rakshan
अर्थ:
यदि भक्त सच्चे मन से प्रार्थना करता है, तो स्वामी समर्थ उसका संरक्षण करते हैं और उसे सभी विपत्तियों से बचाते हैं।
Shri Swami Samarth Tarak Mantra के 7 सबसे बड़े लाभ जो जीवन बदल देंगे
यह मंत्र केवल जप करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन के हर स्तर पर सुरक्षा, स्थिरता और आंतरिक शक्ति देता है।
- भय और शंका का संपूर्ण नाश
यह मंत्र मन को “निःशंक” और “निर्भय” बनाता है। लगातार जप से मन शांत होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
- असंभव कार्य भी संभव हो जाना
मुख्य विश्वास यह है कि—
“अशक्य हे शक्य करतील स्वामी”
अर्थात जीवन की कठिन से कठिन स्थिति में भी स्वामी समर्थ रास्ता दिखाते हैं।
- अदृश्य सुरक्षा कवच (Spiritual Protection Shield)
यह मंत्र नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नज़र, बाधा, अचानक संकट, मानसिक तनाव और डरावने विचारों से सुरक्षा देता है।
- अंतरिक शक्ति और धैर्य की प्राप्ति
जो लोग जल्दी डर जाते हैं या निर्णय नहीं ले पाते—उनके लिए यह मंत्र वास्तविक शक्ति पैदा करता है।
- मानसिक शांति और तनाव में कमी
जैसे-जैसे जप बढ़ता है, मन से अशांति और चिंता दूर होती जाती है। यह मंत्र एक मानसिक उपचार (mental healing) की तरह काम करता है।
- मोक्ष के मार्ग पर एक बड़ा कदम
तारक का अर्थ ही “पार ले जाने वाला” है। मृत्यु का भय कम होता है और मन में आध्यात्मिक स्थिरता आती है।
संकटों का अचानक समाप्त होना (Miraculous Relief)
हजारों भक्तों के अनुभव बताते हैं कि स्वामी समर्थ अचानक सहायता करते हैं—
Shri Swami Samarth Tarak Mantra जाप की सही विधि और आवश्यक नियम
मंत्र तभी फल देता है जब जाप शुद्ध भावना और सही विधि से किया जाए।
सही समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4–6 बजे
- या
- शाम 6–8 बजे (दीपक के सामने)
दिशा
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
जाप के नियम
- माला: तुलसी या रुद्राक्ष
- कपड़े: हल्के और साफ
- स्थान: शांत, पवित्र
- भावना: सकारात्मक और भक्तिपूर्ण
जाप की संख्या
- 11 बार
- 21 बार
- 108 बार
या - 1 पूरी माला
नियमतः प्रतिदिन 108 बार जाप सबसे श्रेष्ठ माना गया है।
संकल्प (Intention Setting)
शुरू में मन में स्पष्ट संकल्प लें—
“स्वामी, मुझे भय, शंका और संकटों से मुक्त कर आशीर्वाद दें।”
निष्काम भाव का महत्व
स्वामी समर्थ बिना इच्छा के की गई भक्ति को सर्वोत्तम मानते हैं।
जितना प्रेम और निस्वार्थ भाव—उतना अधिक फल।
‘भिऊ नकोस मी तुझ्या पाठीशी आहे’ — स्वामी का अभय वचन और आपका कर्तव्य
यह वचन केवल सांत्वना नहीं—यह एक आश्वासन है।
इस मंत्र का जाप करते समय आपको तीन बातें हमेशा याद रखनी चाहिए:
- श्रद्धा (Faith)
- सबूरी (Patience)
- निरंतरता (Consistency)
कई भक्तों ने बताया है कि जैसे ही वे यह मंत्र रोजाना जपने लगे—
- अचानक समस्याएँ हल होने लगीं
- घर में शांति बढ़ी
- डर और चिंता कम हुई
- नींद में सुधार आया
- और मन में “स्वामी साथ हैं” यह भावना जागृत हुई
महाराष्ट्र में तो कई लोग चलते-फिरते, काम करते हुए और मन ही मन यह मंत्र जपते रहते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
तारक मंत्र का जाप कितनी बार करना चाहिए?
कम से कम 108 बार प्रतिदिन।
समय न मिले तो 11 या 21 बार भी कर सकते हैं।
क्या यह मंत्र महिलाएँ और बच्चे जप सकते हैं?
हाँ, कोई भी व्यक्ति इसे जप सकता है—यह सार्वभौम (universal) मंत्र है।
स्वामी समर्थ किस देवता के अवतार माने जाते हैं?
वे भगवान दत्तात्रेय के अवतार माने जाते हैं।
क्या तारक मंत्र से धन और सफलता मिलती है?
मंत्र का प्राथमिक उद्देश्य आध्यात्मिक सुरक्षा और भय से मुक्ति है।
धन-सफलता भक्त के कर्म और स्वामी की कृपा से मिलती है, मंत्र इससे शक्ति देता है।
निष्कर्ष: तारक मंत्र ही आपके जीवन की सबसे बड़ी ढाल है
यदि आप जीवन में संकटों, डर, चिंता या नकारात्मक ऊर्जा से परेशान हैं—
तो श्री स्वामी समर्थ तारक मंत्र आपके लिए एक आध्यात्मिक कवच की तरह काम करेगा।
यह मंत्र केवल शब्द नहीं—यह स्वामी समर्थ की जीवंत शक्ति है, जो भक्त के जीवन को दिशा, सुरक्षा और संबल देती है।
आज से ही प्रतिदिन कुछ मिनट निकालकर यह मंत्र जपना शुरू करें।
धीरे-धीरे आप अनुभव करेंगे कि—
- मन हल्का हो रहा है
- समस्याएँ आसान हो रही हैं
- और स्वामी समर्थ की कृपा जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही है
भिऊ नकोस—स्वामी तुझ्या पाठीशी आहेत।
Disclaimer:
इस ब्लॉग पोस्ट में दी गई जानकारी पूर्णतः आस्था, धार्मिक परंपराओं, और स्वामी समर्थ भक्तों की मान्यताओं पर आधारित है। मंत्र जाप, विधि, और इससे संबंधित लाभों के बारे में जानकारी का उद्देश्य किसी भी प्रकार का दावा करना नहीं है। हम किसी भी चमत्कार या फल की वैज्ञानिक पुष्टि या गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी आध्यात्मिक या धार्मिक क्रिया को शुरू करने से पहले अपनी व्यक्तिगत आस्था और स्वविवेक का उपयोग करें।
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